ईरानी सेना की काफी ज्यादा क्षमता खत्म हो चुकी है लेकिन यह अभी भी अमेरिका और इजरायल के ठिकानों को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है। उसके पास बैलिस्टिक मिसाइल हमला करने की क्षमता अभी भी मौजूद है।
Armed Conflict Location & Event Data से मिले स्वतंत्र डेटा से पता चलता है 28 फरवरी को युद्ध शुरू होने के बाद से ईरान पर अमेरिका और इजरायल ने बिना थके लगातार हमले किए। इस दौरान ईरान के सैन्य ठिकाने, मिलिट्री फैक्ट्रियां पर बिना रूकावट हमले किए। इन हमलों में ईरान की क्षमता को भाकी नुकसान पहुंचा है। हालांकि ये क्षमता पूरी तरह खत्म नहीं हुई है।
ईरान की सेना को कितना नुकसान?
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ईरान के 80% एयर डिफेंस सिस्टम नष्ट हो गये
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1,500 से ज्यादा हवाई सुरक्षा ठिकानों पर हमले किए गए
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बाकी बचे 20% सुरक्षा सिस्टम का कोई हिसाब नहीं है
अमेरिका के ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ जनरल डैन जनरल डैन ने कहा कि 'ये सभी सिस्टम अब खत्म हो चुके हैं। लेकिन ईरान अभी भी हमला कर सकता है। वहीं अमेरिका के रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने स्वीकार किया कि ईरान में अभी भी हमला करने की क्षमता मौजूद है और वो अभी भी हमले करने में सक्षम है।
ईरान के मिसाइल और ड्रोन पर जानकारी
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ईरान के 450 बैलिस्टिक मिसाइल स्टोरेज पर हमला
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800 वन-वे अटैक ड्रोन स्टोरेज ठिकानों पर हमला
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ईरान के 90% से ज्यादा नियमित नौसेना बेड़े को डुबो दिया गया
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ईरान के 150 से ज्यादा जहाजों को अमेरिका ने डुबो डाला
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95 प्रतिशत से ज्यादा ईरानी नौसेना के बेड़ा खत्म
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5 प्रतिशत नौसेना का बेड़ा अभी भी अमेरिका को पहुंचा सकते नुकसान
हथियारों के हथियार कारखानों पर हमले
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ईरान के 90% हथियारों के कारखानों पर हमला
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ईरान के 80% परमाणु औद्योगिक ठिकानों पर हमला
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रिवोल्यूशनरी गार्ड की छोटी हमलावर नावों में से सिर्फ आधी ही डूबीं
अमेरिका के ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ जनरल डैन केन ने बुधवार को पेंटागन में पत्रकारों से कहा कि अमेरिका ने 1500 से ज्यादा एयर डिफेंस ठिकानों, 450 से ज्यादा बैलिस्टिक मिसाइल स्टोरेज सुविधाओं और 800 वन-वे अटैक ड्रोन स्टोरेज सुविधाओं पर हमला किया है। उन्होंने कहा "ये सभी सिस्टम खत्म हो चुके हैं।" वहीं, वाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट ने बुधवार को पत्रकारों से कहा कि ईरानी नौसेना 'पूरी तरह से तबाह हो गई है।' केन ने कहा कि जहां 150 ईरानी जहाज 'समुद्र की तलहटी में हैं' वहीं अर्धसैनिक रिवोल्यूशनरी गार्ड की छोटी हमलावर नावों में से सिर्फ आधी ही डूब पाई हैं। ये वे जहाज थे जिनका इस्तेमाल ईरान सरकार होर्मुज जलडमरूमध्य में युद्धपोतों और व्यापारिक जहाजों को घेरने और परेशान करने के लिए करती थी। केन ने यह भी कहा कि 700 से ज्यादा हमलों के बाद सेना का मानना है कि उसने ईरान की 95% से अधिक नौसैनिक सुरंगों को नष्ट कर दिया है।
ईरान की हमला करने की क्षमता बरकरार
हालांकि ईरानी सेना की काफी ज्यादा क्षमता खत्म हो चुकी है लेकिन यह अभी भी अमेरिका और इजरायल के ठिकानों को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है। उसके पास बैलिस्टिक मिसाइल हमला करने की क्षमता अभी भी मौजूद है। इसके अलावा, ईरान ने अमेरिका के कई विमानों को मार गिराया, जिनमें एक F-15 लड़ाकू विमान भी शामिल था। इसके साथ ही ईरान ने क्षेत्र में मौजूद हवाई ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमलों के ज़रिए उसने कई अन्य विमानों को भी नुकसान पहुंचाया। इजरायल की सेना का कहना है कि युद्ध के दौरान उसने ईरान पर 1,000 से ज्यादा हमलों की लहरों में 18,000 से ज्यादा बम गिराए।
IDF के मुताबिक ईरान के अंदर 4000 से ज्यादा ठिकानों पर 10,800 से ज्यादा अलग-अलग हमले किए गए। इन ठिकानों में एयर डिफेंस सिस्टम, बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्चर, हथियार बनाने की जगहें, परमाणु ठिकाने, अलग-अलग हेडक्वार्टर और सेना के कमांडर और नेता शामिल थे। सेना ने बताया कि IAF के लड़ाकू विमानों ने ईरान के लिए करीब 8,500 उड़ानें भरीं। सेना के मुताबिक इजरायल ने ईरान के अनुमानित 470 बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्चर में से करीब 60% को नष्ट कर दिया या बेकार कर दिया है। सेना के मुताबिक इन लॉन्चर में से करीब 200 हमलों में नष्ट हो गए जबकि 80 ऑपरेशनल नहीं थे।
